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MS Dhoni के कारण CSK में नया कोच नियुक्त करने में आ रही है बड़ी बाधा

Advait · · 1 min read
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आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का निराशाजनक सफर

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टीम 14 मैचों में केवल 12 अंक ही हासिल कर सकी और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। यह लगातार दूसरा साल है जब पांच बार की चैंपियन टीम नॉकआउट चरण में जगह बनाने में नाकाम रही है। इससे पहले आईपीएल 2025 में भी सीएसके का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, जहां टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही थी।

लगातार दो सीजन में मिली इस नाकामी ने फैंस के सब्र का बांध तोड़ दिया है। वर्तमान में फैंस टीम की रणनीति, मानसिकता और मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) के नेतृत्व वाले सहयोगी स्टाफ से काफी नाराज हैं। सोशल मीडिया से लेकर खेल गलियारों तक, अब सीएसके के कोचिंग सेटअप में बड़े बदलाव की मांग उठने लगी है।

स्टीफन फ्लेमिंग और एमएस धोनी की जुगलबंदी पर उठे सवाल

स्टीफन फ्लेमिंग साल 2009 में सीएसके के मुख्य कोच बने थे और पिछले 17 वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं। उनके और एमएस धोनी के बीच की जुगलबंदी जगजाहिर है। इन दोनों दिग्गजों की रणनीतियों के दम पर ही चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच आईपीएल खिताब अपने नाम किए। लेकिन जब से धोनी ने कप्तानी छोड़ी है, तब से यह तालमेल मैदान पर वह जादू बिखेरने में नाकाम रहा है।

टीम में एक संतुलित इकाई बनाने में आ रही लगातार दिक्कतों के चलते फ्रेंचाइजी अब फ्लेमिंग के विकल्प तलाशने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएसके ने आंतरिक रूप से फ्लेमिंग के दीर्घकालिक रिप्लेसमेंट को लेकर चर्चा भी शुरू कर दी है। लेकिन इस बदलाव की राह में सबसे बड़ी रुकावट खुद एमएस धोनी का कद बनकर सामने आ रहा है।

क्यों बड़े भारतीय कोच सीएसके से जुड़ने से कतरा रहे हैं?

एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र (The Indian Express) की रिपोर्ट के अनुसार, सीएसके ने मुख्य कोच के पद के लिए कुछ स्थापित भारतीय कोचों से संपर्क किया था। हालांकि, कम से कम एक प्रमुख भारतीय कोचिंग उम्मीदवार ने इस भूमिका को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। इसके पीछे की वजह फ्रेंचाइजी के भीतर धोनी का अत्यधिक प्रभाव होना बताया जा रहा है।

उम्मीदवार का मानना था कि जब तक एमएस धोनी फ्रेंचाइजी के माहौल में सक्रिय रूप से मौजूद रहेंगे, तब तक नए मुख्य कोच को फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता और नियंत्रण (operational control) मिलना मुश्किल होगा। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एक अन्य संभावित कोचिंग विकल्प को भी सलाह दी गई थी कि वे अभी सीएसके का हिस्सा बनने के बारे में न सोचें। उन्हें सुझाव दिया गया कि चेन्नई के सेटअप में कोई भी बड़ा रणनीतिक बदलाव तभी संभव हो पाएगा, जब धोनी इस फ्रेंचाइजी से पूरी तरह दूरी बना लेंगे।

भले ही धोनी अब हर तकनीकी और रणनीतिक चर्चा का हिस्सा न बनते हों, लेकिन फ्रेंचाइजी की संस्कृति और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी उपस्थिति और कद आज भी सर्वोपरि है।

क्या फ्लेमिंग के भविष्य का फैसला भी धोनी ही करेंगे?

सीएसके के आंतरिक फैसलों में एमएस धोनी की राय हमेशा से अंतिम मानी जाती रही है। टीम को पांच बार चैंपियन बनाने वाले इस महान खिलाड़ी ने फ्रेंचाइजी में वह मुकाम हासिल किया है जहां उनकी बात को कोई टाल नहीं सकता। ऐसे में अगर स्टीफन फ्लेमिंग को हटाने या नए कोच की नियुक्ति का कोई भी बड़ा फैसला लिया जाता है, तो उसे धोनी की मंजूरी मिलना अनिवार्य है।

फ्लेमिंग और धोनी के बीच के गहरे और दोस्ताना संबंधों को देखते हुए सीएसके प्रबंधन के लिए धोनी को इस बदलाव के लिए राजी करना बेहद मुश्किल काम होगा। लेकिन अगले सीजन से पहले टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानना होगा और कुछ कड़े फैसले लेने के लिए तैयार रहना होगा।

एमएस धोनी की फिटनेस और आईपीएल में उनका भविष्य

सीएसके की यह असमंजस वाली स्थिति तभी सुलझ सकती है जब एमएस धोनी आईपीएल से पूरी तरह संन्यास ले लें। 44 वर्षीय धोनी चोटों से काफी परेशान रहे हैं। पिंडली (calf) और अंगूठे की चोट के कारण वे आईपीएल 2026 के सीजन में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। इसके अलावा, वह घुटने की पुरानी गंभीर समस्या से भी जूझ रहे हैं, जिससे मैदान पर उनका योगदान काफी सीमित हो जाता है।

सीएसके के वर्तमान कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) ने धोनी के भविष्य को लेकर एक अपडेट साझा किया था। गायकवाड़ के अनुसार, धोनी आईपीएल 2027 के सीजन से पहले अपने खेलने या न खेलने पर अंतिम फैसला करेंगे। फिलहाल, फ्रेंचाइजी के मालिक और प्रबंधन भी धोनी के अगले कदम को लेकर पूरी तरह अनभिज्ञ हैं।

निष्कर्ष: सीएसके के लिए आगे का रास्ता

चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस एमएस धोनी से भावनात्मक रूप से बेहद गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने टीम को जो सफलताएं दिलाई हैं, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। लेकिन खेल के पेशेवर नजरिए से देखा जाए, तो किसी भी फ्रेंचाइजी के विकास के लिए बदलाव जरूरी होता है। धोनी को लंबे समय तक टीम के साथ जोड़े रखने की जिद सीएसके के नए युग की शुरुआत में बाधा बन रही है। अगर सीएसके को एक बार फिर से चैंपियन टीम बनना है, तो उन्हें भावनाओं से ऊपर उठकर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।

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Advait

Cricket fanatic and data-driven journalist. Delivering sharp match analysis and deep-dive statistics for the modern game’s biggest fans.