IPL 2026: क्या जस्टिन लैंगर का LSG से कट सकता है पत्ता? माइकल वॉन ने उठाए सवाल
लखनऊ सुपर जायंट्स के खराब प्रदर्शन पर उठे सवाल
आईपीएल 2026 का सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। सीजन के अंतिम चरण में पंजाब किंग्स के खिलाफ सात विकेट की करारी हार के बाद टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या मुख्य कोच जस्टिन लैंगर और नेतृत्व समूह (Leadership Group) के साथ फ्रैंचाइजी आगे बढ़ेगी या नहीं।
माइकल वॉन की तीखी टिप्पणी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इस स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। क्रिकबज के साथ बातचीत में वॉन ने कहा कि हालांकि टीम की संरचना बहुत मजबूत नहीं दिख रही थी, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन का दबाव कोच और मैनेजमेंट पर आना स्वाभाविक है। वॉन ने कहा, ‘जब आप जस्टिन लैंगर और ऋषभ पंत को देखते हैं, तो परिणाम सातवें, सातवें और अब दसवें स्थान पर रहे हैं। पेशेवर खेलों में ऐसे परिणाम हमेशा दबाव पैदा करते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘भले ही आप यह न कहें कि यह टीम खिताब जीतने के लिए बनी थी, लेकिन अंक तालिका में सबसे नीचे रहना नेतृत्व समूह पर गंभीर सवाल उठाता है। आखिर उन्हें इसी काम के लिए भुगतान किया जाता है कि वे टीम की संस्कृति, नैतिकता और प्रदर्शन को सही दिशा में ले जाएं।’
पांच रसोइये और एक रसोई
वॉन ने टीम के भीतर संरचनात्मक जटिलताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लैंगर एक मेहनती कोच हैं, लेकिन फ्रैंचाइजी में बहुत अधिक प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी ने टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया हो सकता है। वॉन ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘मैं जस्टिन लैंगर को अच्छी तरह जानता हूं। वह कड़ी मेहनत और टीम संस्कृति में विश्वास रखते हैं, लेकिन कुछ कारणों से यह काम नहीं कर पाया। आपके पास टॉम मूडी, केन विलियमसन, जस्टिन लैंगर, ऋषभ पंत और फिर मालिक हैं। यह बिल्कुल वैसा है जैसे एक रसोई में पांच रसोइये काम कर रहे हों।’
अतीत से तुलना और कोचिंग का महत्व
वॉन ने पूर्व कोच एंडी फ्लावर के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि कैसे एक कोच सीमित संसाधनों के बावजूद टीम को बेहतर स्थिति में ले जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम कोचों को केवल ट्रॉफी से आंकते हैं। एंडी फ्लावर ने एक औसत दर्जे की टीम के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था, जो उनकी कोचिंग क्षमता को दर्शाता है।’ वॉन ने जोस मोरिन्हो का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी-कभी किसी कमजोर टीम से सर्वश्रेष्ठ निकलवाना ही असली कोचिंग है।
ऋषभ पंत की कप्तानी पर भी उठे सवाल
सिर्फ लैंगर ही नहीं, बल्कि कप्तान ऋषभ पंत भी भारी आलोचनाओं के घेरे में हैं। इस सीजन में पंत न तो बल्ले से रन बना सके और न ही टीम का नेतृत्व प्रभावी ढंग से कर पाए। पिछले दो आईपीएल सीजन में पंत की कप्तानी में लखनऊ ने 28 मैचों में केवल 10 जीत हासिल की हैं, जो फ्रैंचाइजी के बड़े निवेश के हिसाब से बहुत कम है।
निष्कर्ष: लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन एक कड़ा सबक लेकर आया है। अब देखना यह है कि क्या मैनेजमेंट अगले सीजन के लिए कोच और कप्तान की भूमिकाओं में कोई बड़ा बदलाव करता है या नहीं। प्रशंसकों की नजरें अब आगामी मेगा-ऑक्शन और टीम पुनर्गठन पर टिकी हुई हैं।