RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub
आईपीएल इतिहास का एक विवादास्पद अध्याय
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए साल 2025 का आईपीएल सीजन हमेशा यादगार रहेगा, जब उन्होंने पहली बार खिताब अपने नाम किया था। पंजाब किंग्स को हराकर ट्रॉफी जीतने के बाद पूरी टीम और फैंस में जश्न का माहौल था। हालांकि, यह खुशी बहुत जल्द एक गहरे विवाद में बदल गई। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज यश दयाल का नाम एक गंभीर कानूनी विवाद में फंस गया, जिसने आईपीएल की छवि को भी प्रभावित किया।
विवाद की जड़: क्या हुआ था यश दयाल के साथ?
यश दयाल के खिलाफ 2025 में दो गंभीर मामले सामने आए। जुलाई 2025 में गाजियाबाद में एक महिला ने उनके खिलाफ यौन, मानसिक और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद उन पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए गए। इतना ही नहीं, जयपुर में भी उन पर एक और एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें 2023 के एक कथित हमले का आरोप लगाया गया। दिसंबर 2025 में जयपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इन गंभीर आरोपों के चलते आरसीबी प्रबंधन ने उन्हें आईपीएल 2026 की टीम से दूर रखने का फैसला किया।
RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub
लंबे समय तक चुप्पी साधे रखने के बाद, यश दयाल ने आखिरकार आरसीबी द्वारा उन्हें टीम में शामिल न करने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। हालांकि आरसीबी ने उन्हें पूरी तरह से रिलीज नहीं किया है, लेकिन उन्हें 2026 सीजन की मुख्य टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया।
दयाल ने अपने बयान में कहा, ‘यह मेरी टीम है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने मुझे टीम से बाहर नहीं निकाला। उन्होंने मुझे रिटेन किया है और किसी प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) की घोषणा भी नहीं की। उन्हें लगता है कि मैं टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हूं। सीजन से बाहर होना मेरा व्यक्तिगत निर्णय नहीं था। यह फैसला अधिकारियों द्वारा लिया गया था, इसलिए मुझे नहीं पता कि आरसीबी ने मुझे क्यों नहीं खिलाया। लेकिन अब मैं इस विवाद के बारे में और बात नहीं करना चाहता।’
यश दयाल का आईपीएल करियर: उतार और चढ़ाव
यश दयाल का आईपीएल सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 में पदार्पण करने के बाद, 2023 में रिंकू सिंह द्वारा उन्हें एक ओवर में पांच छक्के मारे जाना उनके करियर का सबसे निचला बिंदु माना गया था। उस समय लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है, लेकिन आरसीबी ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें टीम में शामिल किया।
दयाल ने भी आरसीबी के भरोसे को कायम रखा। उन्होंने 2024 के सीजन में 14 मैचों में 15 विकेट लिए और टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आरसीबी की खिताबी जीत के सफर में भी उन्होंने 13 विकेट चटकाए थे। लेकिन 2026 का सीजन उनके लिए पूरी तरह से अलग रहा।
क्या आरसीबी का फैसला सही था?
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आरसीबी ने एक परिपक्व फैसला लिया। जब तक किसी खिलाड़ी पर लगे आरोप पूरी तरह सिद्ध नहीं हो जाते या उसे ‘क्लीन चिट’ नहीं मिल जाती, तब तक फ्रेंचाइजी के लिए उन्हें टीम में रखना मुश्किल होता है। आरसीबी नहीं चाहती थी कि आईपीएल 2026 के दौरान टीम किसी भी प्रकार के अनावश्यक विवाद या जांच के घेरे में आए।
भविष्य के बारे में बात करें तो, अगर यश दयाल कानूनी रूप से निर्दोष साबित होते हैं, तो आरसीबी के दरवाजे उनके लिए फिर से खुल सकते हैं। एक खिलाड़ी के रूप में उनकी प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, लेकिन खेल के मैदान के बाहर उनका आचरण और कानूनी स्थिति ही उनके आईपीएल भविष्य का फैसला करेगी।
निष्कर्ष
यश दयाल का मामला खेल जगत में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है। जहां आरसीबी ने अपनी टीम की अखंडता बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया, वहीं दयाल ने भी अपनी टीम के प्रति निष्ठा व्यक्त की है। अब सबकी निगाहें कानूनी कार्यवाही पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्या दयाल आईपीएल में फिर से अपनी गेंदबाजी का जादू बिखेर पाएंगे या नहीं।