“What he’s doing?” Sanjay Manjrekar tears apart CSK head coach Stephen Fleming a – IPL 2026: क्या स्टीफन फ्लेमिंग का CSK से अलग होने का समय आ गया है? संजय मांजरेकर ने उठाए सवाल
IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का निराशाजनक प्रदर्शन
आईपीएल 2026 चेन्नई सुपर किंग्स के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। 10 टीमों की अंक तालिका में आठवें स्थान पर रहना और 14 में से केवल 6 मैच जीतना इस फ्रेंचाइजी के इतिहास में एक चिंताजनक अध्याय है। ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में टीम ने शुरुआत और अंत में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने प्रशंसकों और विशेषज्ञों को निराश किया है। मध्य में मिली कुछ जीत के बावजूद, टीम लगातार तीन-तीन मैचों की हार की श्रृंखला को नहीं रोक पाई, जिसके कारण वे लगातार तीसरे साल प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गए।
संजय मांजरेकर की कड़ी आलोचना
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने इस खराब प्रदर्शन के लिए सीधे तौर पर मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग को जिम्मेदार ठहराया है। मांजरेकर ने स्पोर्ट्सस्टार से बातचीत में कहा कि अब समय आ गया है कि सीएसके प्रबंधन फ्लेमिंग के साथ आगे बढ़ने के विचार को बदले। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई अचानक आई गिरावट नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों से टीम का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है। मांजरेकर ने कहा, ‘आपको कुछ चीजें सही तरीके से करनी होती हैं। सीएसके के साथ समस्या यह है कि वे पिछले कुछ वर्षों से शांत हैं। यह किसी के लिए हैरानी की बात नहीं है कि सीएसके अब प्लेऑफ में जगह नहीं बना पा रही है। इसके कारण बहुत स्पष्ट हैं।’
कोचिंग और नेतृत्व पर उठते सवाल
मांजरेकर ने न केवल फ्लेमिंग की रणनीति पर सवाल उठाए, बल्कि नेतृत्व में बदलाव का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि स्टीफन फ्लेमिंग एक कोच के रूप में कितना योगदान दे रहे हैं। धोनी के समय में सब कुछ उनके नियंत्रण में था, और फ्लेमिंग का वहां होना अच्छा था। लेकिन अब चीजें बदलने की जरूरत है।’ मांजरेकर का मानना है कि ऋतुराज गायकवाड़ पर कप्तानी का बोझ कम किया जाना चाहिए ताकि वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि संजू सैमसन को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।
एमएस धोनी की भूमिका पर चर्चा
संजय मांजरेकर ने सीएसके द्वारा एमएस धोनी के प्रबंधन को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने तर्क दिया कि टीम में धोनी को एक महत्वपूर्ण भूमिका में बनाए रखना, जबकि वे अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं, फ्रेंचाइजी के भविष्य के लिए सही नहीं है। यह बदलाव की प्रक्रिया को बाधित करता है।
क्या है भविष्य की राह?
स्टीफन फ्लेमिंग, जो सीएसके के साथ उनकी स्थापना के समय से जुड़े हैं और पांच आईपीएल खिताबों का हिस्सा रहे हैं, अब भारी दबाव में हैं। क्या सीएसके एक नए युग की शुरुआत करेगी या फ्लेमिंग को अपनी रणनीति बदलने का एक और मौका मिलेगा? यह सवाल अब हर क्रिकेट प्रेमी के मन में है। लगातार तीन साल की विफलता ने यह साबित कर दिया है कि सीएसके के लिए ‘पुराने फॉर्मूले’ अब शायद काम नहीं कर रहे हैं। टीम को अब युवाओं पर भरोसा करने के साथ-साथ कप्तानी और कोचिंग सेटअप में एक बड़े बदलाव की जरूरत है ताकि वे फिर से आईपीएल की शीर्ष टीमों में शुमार हो सकें।
फैसले चाहे जो भी हों, एक बात स्पष्ट है कि सीएसके के प्रबंधन को अब अपनी पिछली सफलताओं के साये से बाहर निकलकर भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करना होगा। अन्यथा, यह महान फ्रेंचाइजी और भी गहरे संकट में फंस सकती है।