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MS Dhoni And The Unheard Toss Story That Rocked 2011 World Cup Final – 2011 विश्व कप और IPL 2026: क्या फिर दोहराया गया टॉस का वो विवाद?

Advait · · 1 min read
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आईपीएल 2026 और 2011 विश्व कप: टॉस के वो अजीब पल

क्रिकेट के मैदान पर अक्सर अनिश्चितता का खेल देखने को मिलता है, लेकिन कभी-कभी खेल शुरू होने से पहले ही कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जो चर्चा का विषय बन जाती हैं। शुक्रवार, 29 मई को नई चंडीगढ़ में आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ। गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस के लिए सिक्का उछाला और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने ‘हेड्स’ कॉल किया। हालांकि रॉयल्स ने टॉस जीत लिया था, लेकिन मैच अधिकारियों ने इस टॉस को रद्द कर दोबारा सिक्का उछालने का निर्देश दिया। कारण यह था कि पराग की आवाज ‘काफी तेज नहीं’ थी।

यह घटना तुरंत 2011 विश्व कप के फाइनल की याद दिला गई, जो मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था। आज हम इसी दिलचस्प मोड़ पर चर्चा करेंगे जिसने 15 साल पहले भी प्रशंसकों को हैरान कर दिया था।

2011 विश्व कप फाइनल: क्या हुआ था वानखेड़े में?

2 अप्रैल, 2011 को भारतीय कप्तान एमएस धोनी और श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा टॉस के लिए रवि शास्त्री के साथ मैदान पर पहुंचे। वानखेड़े स्टेडियम में उस समय दर्शकों की भारी भीड़ थी और माहौल काफी तनावपूर्ण था। धोनी ने सिक्का उछाला और वह ‘हेड्स’ के रूप में गिरा। लेकिन तभी अधिकारियों के बीच भ्रम पैदा हो गया क्योंकि उन्हें संगकारा की कॉल सुनाई नहीं दी थी।

मैच अधिकारियों ने उस पहले टॉस को अमान्य घोषित कर दिया और दोबारा टॉस करवाने का फैसला लिया। दिलचस्प बात यह है कि प्रसारण फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि संगकारा ने पहली बार भी ‘हेड्स’ ही कहा था। दोबारा टॉस में भी संगकारा ने ‘हेड्स’ चुना और जीत हासिल कर बल्लेबाजी का फैसला लिया। उस समय यह घटना काफी रहस्यमयी और अनोखी मानी गई थी।

IPL 2026 में दोहराई गई इतिहास की वो घटना

दिलचस्प बात यह है कि 15 साल बाद मुल्लानपुर स्टेडियम में शुभमन गिल और रियान पराग के साथ ठीक वही स्थिति उत्पन्न हुई। यहाँ भी रवि शास्त्री कमेंट्री बॉक्स में मौजूद थे और यह एक नॉकआउट मैच था। संयोग से, 2011 में श्रीलंका की कप्तानी करने वाले कुमार संगकारा वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच हैं, जो इस बार के टॉस विवाद का हिस्सा बनी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

धोनी का विजय शॉट और विवाद का अंत

भले ही टॉस को लेकर विवाद हुआ, लेकिन 2011 के फाइनल का परिणाम भारतीय प्रशंसकों के लिए यादगार रहा। भारत ने छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की और एमएस धोनी के बल्ले से निकला वह छक्का इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इस जीत ने 28 साल के सूखे को खत्म किया और उस रात टॉस का विवाद पूरी तरह से गौण हो गया। धोनी की वह ऐतिहासिक पारी आज भी दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिल में बसी है।

क्रिकेट का खेल अक्सर अपनी बारीकियों और इन अनपेक्षित क्षणों के लिए जाना जाता है। चाहे वह 2011 का महामुकाबला हो या 2026 का आईपीएल क्वालीफायर, टॉस जैसे छोटे से पल भी खेल के रोमांच को कई गुना बढ़ा देते हैं। देखना यह होगा कि क्या भविष्य के मैचों में भी तकनीक और नियमों के बीच इस तरह की घटनाएं चर्चा का विषय बनी रहेंगी।

Advait
Advait

Cricket fanatic and data-driven journalist. Delivering sharp match analysis and deep-dive statistics for the modern game’s biggest fans.