Sai Sudharsan falls in bizarre hit-wicket fashion again; Shubman Gill left stunn – IPL 2024: साई सुदर्शन का अजीबोगरीब ‘हिट-विकेट’ आउट, शुभमन गिल रह गए हैरान
आईपीएल क्वालीफायर-2: साई सुदर्शन की दुर्भाग्यपूर्ण विदाई
न्यू चंडीगढ़ के न्यू पीसीए स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में गुजरात टाइटंस के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक पल ने सबकी धड़कनें थाम दीं। टीम के शानदार फॉर्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन एक बार फिर बेहद अजीबोगरीब अंदाज में ‘हिट-विकेट’ होकर आउट हो गए। यह घटना न केवल प्रशंसकों के लिए बल्कि खुद उनके साथी खिलाड़ी शुभमन गिल के लिए भी स्तब्ध कर देने वाली थी।
लगातार दूसरे मैच में हिट-विकेट का शिकार
साई सुदर्शन के साथ पिछले दो मैचों में जो हुआ, उसे क्रिकेट की भाषा में दुर्भाग्य के सिवा और क्या कहा जा सकता है। सुदर्शन लगातार दो पारियों में हिट-विकेट हुए हैं। यह न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए एक झटका है, बल्कि टीम के लिए भी यह एक बड़े विकेट के नुकसान जैसा था। सुदर्शन ने इस मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी की और अर्धशतक भी जमाया, लेकिन अंत में उनका बल्ला ही उनके स्टंप्स पर जा लगा, जिससे उन्हें वापस पवेलियन लौटना पड़ा।
शुभमन गिल के साथ ऐतिहासिक साझेदारी
इस मैच में साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की जोड़ी एक बार फिर मैदान पर शानदार लय में दिखी। दोनों ने मिलकर 167 रनों की विशाल साझेदारी की, जिसने गुजरात टाइटंस को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। इस सीजन में इन दोनों की सलामी जोड़ी ने 800 से अधिक रन बनाए हैं, जो किसी भी टीम के लिए एक सपना जैसा है।
रिकॉर्ड्स की बारिश
अपनी इस पारी के दौरान, साई सुदर्शन ने एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने इस सीजन में 700 रनों का आंकड़ा पार किया और लगातार दो सीजन में 700+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। उनकी निरंतरता इस बात का प्रमाण है कि वे भविष्य के एक बड़े स्टार हैं। हालांकि, ब्रजेश शर्मा की गेंदबाजी पर यॉर्कर को डिफेंड करते समय उनका बल्ला उनके ही स्टंप्स से टकरा गया, जिससे उनकी बेहतरीन पारी का अंत हुआ।
क्या कहते हैं आंकड़े?
सोशल मीडिया पर भी सुदर्शन का यह हिट-विकेट खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले दो वर्षों में यह तीसरी बार है जब सुदर्शन हिट-विकेट हुए हैं। उनके प्रशंसकों का मानना है कि इस ‘बीस्ट’ को रोकने का शायद एकमात्र तरीका यही है कि वे खुद अपना विकेट गिरा लें।
- सीजन में प्रदर्शन: 700+ रन का मील का पत्थर।
- साझेदारी: शुभमन गिल के साथ 167 रनों की अहम भागीदारी।
- दुर्भाग्य: लगातार दो मैचों में हिट-विकेट होकर आउट होना।
भले ही साई सुदर्शन का विकेट एक अजीब घटना के साथ गिरा, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे दबाव वाले मैचों में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शुभमन गिल के साथ उनकी समझ ने टीम को एक ठोस आधार प्रदान किया है, जो टूर्नामेंट के अगले चरणों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
क्रिकेट के गलियारों में अब इस घटना पर खूब चर्चा हो रही है। खेल में कभी-कभी तकनीक से ज्यादा भाग्य का साथ होना जरूरी होता है, और सुदर्शन के मामले में यह भाग्य पिछले दो मैचों में थोड़ा रूठा हुआ नजर आया है। उम्मीद है कि अगले मुकाबलों में वे फिर से अपनी पुरानी लय में लौटेंगे और बड़े स्कोर के साथ वापसी करेंगे।