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बेंगलुरु का नया क्रिकेट स्टेडियम: 943 करोड़ की लागत से बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा मैदान

Kshiraj Saxena · · 1 min read
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बेंगलुरु का नया क्रिकेट अध्याय: 943 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

बेंगलुरु, जिसे भारत की सिलिकॉन वैली और क्रिकेट का गढ़ माना जाता है, वर्तमान में अपनी खेल सुविधाओं को लेकर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण भगदड़ की घटना के बाद से ही शहर के पुराने स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। अब इन चुनौतियों से पार पाने के लिए कर्नाटक सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।

एक नया और विशाल स्टेडियम

खबरों के अनुसार, बेंगलुरु को जल्द ही एक नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिलने जा रहा है। एनेकल के पास बनेरघट्टा नेशनल पार्क के निकट 75 एकड़ की विशाल भूमि पर यह स्टेडियम निर्मित किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी क्षमता होगी। लगभग 80,000 दर्शकों की बैठने की क्षमता के साथ, यह स्टेडियम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनने की क्षमता रखता है।

परियोजना की लागत और आर्थिक मॉडल

इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 943 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस काम के लिए सीधे तौर पर जनता के करों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड की भूमि नीलामी से प्राप्त राजस्व का उपयोग इस निर्माण कार्य के लिए किया जाएगा। यह एक सराहनीय आर्थिक मॉडल है, जो बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्वायत्त वित्तपोषण की मिसाल पेश करता है। अधिकारियों का यह भी दावा है कि इस घोषणा के बाद से ही आसपास के क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

चिन्नास्वामी स्टेडियम की वर्तमान चुनौतियाँ

यह नया प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब ऐतिहासिक चिन्नास्वामी स्टेडियम अपनी साख बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। आईपीएल 2025 के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद, इस स्थल को कई बड़े झटके लगे हैं:

  • आईसीसी महिला विश्व कप 2025 की मेजबानी के अधिकार खोना।
  • महाराजा ट्रॉफी के आयोजन से वंचित होना।
  • आईपीएल 2026 के फाइनल की मेजबानी से हाथ धोना।
  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के घरेलू मैचों की संख्या सीमित होना।

इन सभी कारणों से बेंगलुरु में क्रिकेट की विरासत को बचाने के लिए एक नए और अधिक सुरक्षित स्थल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो आधुनिक सुरक्षा मानकों पर खरा उतर सके।

पर्यावरण संबंधी चिंताएँ और कानूनी चुनौतियाँ

हालांकि यह योजना खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात है, लेकिन इसके सामने चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। चूंकि प्रस्तावित स्थल बनेरघट्टा नेशनल पार्क के पास एक इको-सेंसिटिव जोन (पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र) में आता है, इसलिए पर्यावरणविदों ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। यह मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, जो इसके भविष्य को निर्धारित करेगा।

भविष्य की संभावनाएं

यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो बेंगलुरु को एक विश्वस्तरीय क्रिकेट स्थल मिल जाएगा। यह न केवल आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए एक आदर्श स्थान होगा, बल्कि आईसीसी टूर्नामेंट, अंतरराष्ट्रीय मैचों और बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी शहर की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया द्वारा आधारशिला रखे जाने के साथ, इस प्रोजेक्ट को लेकर शहर में काफी उत्साह है।

निष्कर्षतः, बेंगलुरु का यह नया स्टेडियम न केवल खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की कमियों से मिली सीख को भी समाहित करेगा। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह उम्मीद की एक नई किरण है कि आने वाले वर्षों में बेंगलुरु फिर से वैश्विक क्रिकेट मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरेगा।

Kshiraj Saxena
Kshiraj Saxena

Dedicated cricket reporter providing exclusive locker-room insights, breaking news, and in-depth player profiles from the international circuit.