“Tremendous injustice”: Sanjay Manjrekar fumes over Auqib Nabi’s snub despite st – संजय मांजरेकर का फूटा गुस्सा: रणजी स्टार आकिब नबी की अनदेखी को बताया ‘घोर अन्याय’
रणजी ट्रॉफी के सुपरस्टार आकिब नबी की अनदेखी पर भड़के संजय मांजरेकर
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने चयनकर्ताओं के एक फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। मांजरेकर ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस फैसले को न केवल ‘हास्यास्पद’ बताया, बल्कि इसे घरेलू क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतियोगिता ‘रणजी ट्रॉफी’ का अपमान भी करार दिया है।
आकिब नबी ने हाल ही में संपन्न हुई रणजी ट्रॉफी में असाधारण प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए थे। उनके इस जादुई प्रदर्शन की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। पिछले दो सीजन में 100 से ज्यादा विकेट लेने के बावजूद नबी को मुख्य टीम तो दूर, भारत ‘ए’ टीम में भी जगह नहीं दी गई है, जिससे क्रिकेट जगत में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
“यह एक ऐसा फैसला है जिसे मैं बिल्कुल नहीं समझ पा रहा” – मांजरेकर
संजय मांजरेकर ने स्पोर्टस्टार के ‘इनसाइट एज’ पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान आकिब नबी के चयन न होने पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि पुराने दिनों में जब इस तरह की नाइंसाफी होती थी, तो लोग सड़कों पर उतर आते थे।
मांजरेकर ने कहा, “मुझे पुराने दिन याद आते हैं जब इस तरह का बड़ा अन्याय होने पर लोग तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर निकल आते थे। आज के समय में यह आक्रोश केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रह गया है, लेकिन यह एक ऐसा चयन है जिसे मैं बिल्कुल भी समझ नहीं पा रहा हूं।”
उन्होंने चयनकर्ताओं की नीति पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, “यह वाकई में हास्यास्पद है। जब मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे प्रमुख गेंदबाज टीम में नहीं खेल रहे हैं (चाहे उन्हें आराम दिया गया हो या यह भविष्य की किसी योजना का हिस्सा हो), तब भी अगर आप इस तरह के प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को नजरअंदाज करते हैं, तो फिर रणजी ट्रॉफी आयोजित करने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है।”
आकिब नबी के असाधारण आंकड़े: दो साल का बेमिसाल सफर
यदि आकिब नबी के पिछले दो सीजन के रणजी आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो चयनकर्ताओं की यह अनदेखी और भी ज्यादा हैरान करने वाली लगती है। आकिब नबी ने घरेलू क्रिकेट के लाल गेंद प्रारूप में लगातार कहर बरपाया है:
- रणजी ट्रॉफी (हालिया सीजन): नबी ने केवल 10 मैचों में 12.56 की अविश्वसनीय गेंदबाजी औसत से कुल 60 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 7 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट (5-wicket hauls) लेने का कारनामा किया।
- 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड: वह इस टूर्नामेंट में एक से अधिक बार मैच में 10 विकेट लेने वाले देश के केवल दो गेंदबाजों में से एक थे।
- पिछला सीजन (रणजी ट्रॉफी): इससे पिछले सीजन में भी उन्होंने जम्मू-कश्मीर को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 8 मैचों में 13.93 की औसत से 44 विकेट चटकाए थे और पूरे टूर्नामेंट में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।
- दो सीजन का कुल योग: पिछले दो रणजी सीजन को मिलाकर आकिब नबी ने मात्र 18 मैचों में 13.14 की बेहतरीन औसत से कुल 104 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें 13 बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड शामिल है।
क्या आईपीएल 2026 बना चयन न होने का कारण?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आकिब नबी को टेस्ट टीम में न चुने जाने के पीछे आईपीएल 2026 का खराब प्रदर्शन एक बड़ी वजह हो सकता है। आईपीएल के इस सीजन में नबी को दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से पांच मैचों में खेलने का मौका मिला था, लेकिन वह एक भी विकेट लेने में नाकाम रहे थे और इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट भी 11 रन प्रति ओवर से अधिक रही थी। हालांकि, संजय मांजरेकर जैसे दिग्गजों का मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट के चयन के लिए टी20 प्रदर्शन को आधार बनाना घरेलू क्रिकेट के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारतीय टीम और अन्य बड़े बदलाव
बीसीसीआई ने पिछले हफ्ते ही अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी 6 जून से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम की घोषणा की है। यह मैच न्यू चंडीगढ़ के मुल्लनपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैदान केवल अपना दूसरा पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबला आयोजित करने जा रहा है। इससे पहले इस मैदान पर दिसंबर 2025 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक टी20 मैच और सितंबर 2025 में भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच दो वनडे मैच खेले गए थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ चुनी गई इस टीम में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं:
- उप-कप्तानी में बदलाव: विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को उप-कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है और उनकी जगह अनुभवी केएल राहुल को टीम का नया उप-कप्तान बनाया गया है।
- वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम: स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कार्यभार प्रबंधन (workload management) और चोट की चिंताओं के कारण इस मैच से आराम दिया गया है।
- नए चेहरों को मौका: घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार, हर्ष दुबे और तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को पहली बार राष्ट्रीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।
आकिब नबी की इस अनदेखी पर मांजरेकर के तीखे बयानों ने एक बार फिर भारतीय चयनकर्ताओं की कार्यप्रणाली और प्रथम श्रेणी क्रिकेट की अहमियत पर बहस छेड़ दी है।