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शान मसूद की टेस्ट कप्तानी संकट में: कुर्सी बचाने के लिए शुरू की लॉबिंग, पीसीबी अध्यक्ष व्यस्त

Kshiraj Saxena · · 1 min read
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शान मसूद की टेस्ट कप्तानी पर संकट: कुर्सी बचाने के लिए शुरू की लॉबिंग

पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान शान मसूद इस समय अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू और विदेशी दोनों पिचों पर मिली शर्मनाक हार के बाद उनकी कप्तानी पर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अपनी कप्तानी बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और बोर्ड के भीतर लॉबिंग में जुट गए हैं। हालांकि पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ी उनके खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन मसूद को कथित तौर पर उन प्रभावशाली लोगों का समर्थन प्राप्त है जो पीसीबी (PCB) के फैसलों को प्रभावित करते हैं।

बांग्लादेश के हाथों लगातार शर्मनाक हार का सिलसिला

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए पिछले कुछ साल बेहद निराशाजनक रहे हैं। साल 2024 में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उसके ही घर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराकर इतिहास रचा था। इसके बाद मई 2026 में भी कहानी नहीं बदली। इस बार बांग्लादेश अपने घर पर मेजबानी कर रहा था, लेकिन नतीजा वही रहा और पाकिस्तान को फिर से 2-0 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

ढाका टेस्ट: बारिश और नाहिद राणा का कहर

ढाका में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में रोमांच चरम पर था। बारिश और कम रोशनी के व्यवधान के बावजूद बांग्लादेश ने इस मुकाबले में 10 रनों की करीबी जीत दर्ज की। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने शानदार शतक लगाया, जबकि मोमिनुल हक और अनुभवी मुशफिकुर रहीम ने अर्धशतक जड़े। पाकिस्तान के गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट चटकाए, लेकिन इसके बावजूद मेजबान टीम पहली पारी में 413 रनों का विशाल स्कोर बनाने में सफल रही।

जवाब में, पाकिस्तान के लिए डेब्यू कर रहे युवा बल्लेबाज अज़ान अवैस ने शतकीय पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं। उनके अलावा तीन अन्य बल्लेबाजों ने भी अर्धशतक लगाए। लेकिन बांग्लादेश के फिरकी गेंदबाज मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लेकर पाकिस्तान को बड़ी बढ़त हासिल करने से रोक दिया। दूसरी पारी में बांग्लादेश के लिए मोमिनुल हक और शांतो ने अर्धशतक बनाए और समय की कमी को देखते हुए पारी घोषित कर दी। पाकिस्तान को मैच बचाने की उम्मीद थी, लेकिन नाहिद राणा की घातक गेंदबाजी के सामने उनका निचला मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। राणा ने 5 विकेट लेकर बांग्लादेश को शानदार जीत दिलाई।

सिलहट टेस्ट: मुशफिकुर रहीम का रिकॉर्डतोड़ शतक

दूसरे टेस्ट मैच में दोनों टीमें सिलहट के मैदान पर आमने-सामने थीं, लेकिन पाकिस्तान की किस्मत यहाँ भी नहीं बदली। पहले दिन खुर्रम शहजाद और मोहम्मद अब्बास ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजों को परेशान किया। लेकिन लिटन दास के शानदार 126 रनों के शतक ने बांग्लादेश को संकट से उबार लिया। बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 278 रन ही बना सकी, जिसमें दूसरा सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर केवल 29 रन था।

पाकिस्तान की पहली पारी बेहद खराब रही। पूर्व कप्तान बाबर आजम ने सर्वाधिक 68 रन बनाए, जबकि स्पिनर साजिद खान 38 रन बनाकर दूसरे सबसे बड़े स्कोरर रहे। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 21 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सका। तैजुल इस्लाम और नाहिद राणा ने 3-3 विकेट लेकर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। दूसरी पारी में बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। लिटन दास ने अर्धशतक जड़ा, जबकि मुशफिकुर रहीम ने एक रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी खेली। बांग्लादेश ने पाकिस्तान के सामने 437 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। पाकिस्तान की तरफ से दूसरी पारी में तीन बल्लेबाजों ने 70 से अधिक रन बनाए, लेकिन तैजुल इस्लाम की फिरकी (6 विकेट) के आगे पूरी टीम ढेर हो गई। इस जीत के साथ बांग्लादेश अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि शान मसूद की अगुवाई वाली पाकिस्तानी टीम आठवें स्थान पर खिसक गई।

मोहसिन नकवी की राजनीतिक व्यस्तता और पीसीबी का मौन

एक तरफ जहां पाकिस्तानी क्रिकेट टीम गर्त में जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस समय अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मामलों में व्यस्त हैं। नकवी पीसीबी अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री (Interior Minister) का पद भी संभाल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और सुरक्षा संकट के कारण वह देश की राजनीति में बेहद व्यस्त हैं, जिसके चलते उन्हें पीसीबी के आंतरिक मामलों और कप्तान बदलने जैसे मुद्दों पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि शान मसूद को अपनी स्थिति मजबूत करने और लॉबिंग करने का समय मिल गया है।

शान मसूद की शर्तें और कप्तानी में निरंतरता की मांग

शान मसूद से जुड़े करीबी सूत्रों का कहना है कि वे न केवल कप्तान बने रहना चाहते हैं, बल्कि टीम चयन और प्रबंधन की कार्यशैली में भी बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। मसूद ने बोर्ड को स्पष्ट संदेश दिया है कि कोचिंग स्टाफ और टीम प्रबंधन में लगातार होने वाले बदलावों से टेस्ट टीम का संतुलन बिगड़ा है। एक मजबूत टेस्ट टीम तैयार करने के लिए कप्तानी और प्रबंधन में निरंतरता का होना बेहद जरूरी है, जिसके बिना अच्छे परिणाम पाना मुश्किल है।

शान मसूद के कप्तानी आंकड़े: एक शर्मनाक रिकॉर्ड

अगर आंकड़ों की बात करें, तो बतौर कप्तान शान मसूद का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने कुल 16 टेस्ट मैचों में भाग लिया है, जिसमें से टीम को केवल 4 मैचों में जीत मिली है, जबकि 12 मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनका जीत का प्रतिशत मात्र 25% है।

पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में केवल एक कप्तान ऐसा रहा है जिसने शान मसूद से अधिक मैच हारे हैं, और वे हैं मिस्बाह-उल-हक (19 हार)। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि मिस्बाह ने 56 टेस्ट मैचों में कप्तानी की थी, जबकि मसूद ने मात्र 16 मैचों में ही 12 हार का मुंह देख लिया है।

आगे की राह: क्या बच पाएगी मसूद की कप्तानी?

पाकिस्तानी टीम को इस महीने के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक दिवसीय (ODI) सीरीज खेलनी है। इसके बाद अगस्त में टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए रवाना होगी। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों सीरीज के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शान मसूद के भविष्य, उनकी कप्तानी और टीम में उनके स्थान पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि क्या मसूद अपनी लॉबिंग के दम पर कुर्सी बचाने में सफल रहते हैं या पीसीबी कोई कड़ा फैसला लेगा।

Kshiraj Saxena
Kshiraj Saxena

Dedicated cricket reporter providing exclusive locker-room insights, breaking news, and in-depth player profiles from the international circuit.