‘Really special’ – Yastika flourishes after her long road back – यस्तिका भाटिया की शानदार वापसी: घुटने की सर्जरी के बाद जड़ा पहला T20I अर्धशतक
एक कठिन संघर्ष के बाद शानदार वापसी
घुटने की सर्जरी के बाद का सफर किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। यस्तिका भाटिया के लिए यह प्रक्रिया ‘शून्य से शुरुआत’ करने जैसी थी। अक्टूबर 2024 में हुई सर्जरी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहीं यस्तिका ने इंग्लैंड के खिलाफ वापसी करते हुए न केवल अपनी फिटनेस साबित की, बल्कि अपने करियर का पहला T20I अर्धशतक भी जड़ दिया। उनकी यह पारी यह दर्शाती है कि वापसी का रास्ता जितना कठिन होता है, मंजिल उतनी ही सुखद होती है।
जेमिमा के साथ ऐतिहासिक साझेदारी
मैच की शुरुआत भारत के लिए काफी तनावपूर्ण रही। लॉरेन बेल की घातक गेंदबाजी ने स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा को पहले ही ओवर में पवेलियन भेज दिया था, जिससे टीम का स्कोर 7/2 हो गया था। कप्तान हरमनप्रीत कौर के बिना खेल रही भारतीय टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी। यस्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने मिलकर मोर्चा संभाला और तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रनों की शानदार साझेदारी की।
पुनर्वास की चुनौती और मानसिक मजबूती
यस्तिका ने अपनी चोट के दौर को याद करते हुए कहा, ‘ACL सर्जरी के बाद पैर की मांसपेशियों को फिर से बनाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे दिन भी थे जब कोई प्रगति नहीं दिख रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन और साथियों के समर्थन ने मुझे हार नहीं मानने दी।’ उनकी यह भावनात्मक वापसी टीम के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है, खासकर जब T20 वर्ल्ड कप बहुत करीब है।
नंदिनी शर्मा का शानदार डेब्यू
इस मैच का एक और मुख्य आकर्षण युवा तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा का अंतरराष्ट्रीय पदार्पण था। 24 वर्षीय नंदिनी ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित करते हुए 34 रन देकर 3 विकेट चटकाए। यस्तिका ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, ‘नंदिनी WPL की देन हैं और उन्होंने अपने पहले ही मैच में जिस तरह की परिपक्वता दिखाई है, वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बहुत उत्साहजनक है।’
विश्व कप की तैयारियों पर नजर
इंग्लैंड की कार्यवाहक कप्तान चार्ली डीन ने माना कि उनकी टीम अभी भी अपने बल्लेबाजी क्रम में संतुलन तलाश रही है। दूसरी ओर, भारत की यह जीत इस बात का प्रमाण है कि टीम की गहराई कितनी मजबूत है। हरमनप्रीत कौर की अनुपस्थिति में भी युवा खिलाड़ियों का आगे आना टीम की मजबूती को दर्शाता है।
निष्कर्ष
यस्तिका भाटिया की वापसी केवल एक अर्धशतक नहीं, बल्कि उनके जज्बे की जीत है। अब भारतीय टीम का ध्यान ब्रिस्टल में होने वाले दूसरे मैच पर है, जहाँ इंग्लैंड के लिए वापसी करना एक बड़ी चुनौती होगी। ‘ऑल इज वेल दैट एंड्स वेल’ यानी अंत भला तो सब भला, यस्तिका की यह वापसी इसी कहावत को चरितार्थ करती है।